अपनी हिंदी
अनुपम अपनी अभिलाषा
गूढ़ बहुत संघर्षों की गाथा
भावों की धारा अविरल है, अपनी यह हिंदी भाषा।
विविधता के कितने रंग सजाये
हर बोली का यह मान बढ़ाये
सरस और सरल कितनी है, अपनी यह हिंदी भाषा।
जन-मन की अभिव्यक्ति हिंदी
देश की बहुल-संस्कृति है हिंदी
मेल जोल की गंगा जमुनी है, अपनी यह हिंदी भाषा।
सदियों की दासता के विरुद्ध
जन-गण का जब छिड़ा महायुद्ध
मुक्ति का मार्ग बन गई है, अपनी यह हिंदी भाषा।
तुलसी की चौपाई, मीरा के पद
दोहे कबीर के या रसखान हों
प्रेम और सद्भाव अनुपूरित है, अपनी यह हिंदी भाषा।
अलंकार के, श्रृंगार के अद्भुत
ओज सोज से भरी हुई है
प्रवाहमयी और प्रांजल है, अपनी यह हिंदी भाषा।
दिवस चौदह माह सितंबर
सन् उन्नीस सौ उन्चास
घोषित हुई जब राजभाषा है, अपनी यह हिंदी भाषा।
हिंदी चंदन, हिंदी वंदन
हिंदी नवयुग का है अभिनंदन
नमन और मनन दिल से है, अपनी यह हिंदी भाषा।
अनुपम अपनी अभिलाषा
गूढ़ बहुत संघर्षों की गाथा
भावों की धारा अविरल है, अपनी यह हिंदी भाषा।
विविधता के कितने रंग सजाये
हर बोली का यह मान बढ़ाये
सरस और सरल कितनी है, अपनी यह हिंदी भाषा।
जन-मन की अभिव्यक्ति हिंदी
देश की बहुल-संस्कृति है हिंदी
मेल जोल की गंगा जमुनी है, अपनी यह हिंदी भाषा।
सदियों की दासता के विरुद्ध
जन-गण का जब छिड़ा महायुद्ध
मुक्ति का मार्ग बन गई है, अपनी यह हिंदी भाषा।
तुलसी की चौपाई, मीरा के पद
दोहे कबीर के या रसखान हों
प्रेम और सद्भाव अनुपूरित है, अपनी यह हिंदी भाषा।
अलंकार के, श्रृंगार के अद्भुत
ओज सोज से भरी हुई है
प्रवाहमयी और प्रांजल है, अपनी यह हिंदी भाषा।
दिवस चौदह माह सितंबर
सन् उन्नीस सौ उन्चास
घोषित हुई जब राजभाषा है, अपनी यह हिंदी भाषा।
हिंदी चंदन, हिंदी वंदन
हिंदी नवयुग का है अभिनंदन
नमन और मनन दिल से है, अपनी यह हिंदी भाषा।