होलिका दहन
होलिका जलाएं आज सभी जन, आओ मनाएं होली हो ------
भूख बीमारी दूर भगाएं, जमकर खेलें होली हो -----
कौन पेड़ से काठी आया, कौन गाय का घी हो -----
कहाँ से जाके कंडे लाये, किस दुकान कर्पूर हो -----
आम गाछ का लकड़ी लाये, काली गाय का घी हो -----
दूर गाँव से कंडे लाये, बनियाँ दिया कर्पूर हो -----
कौन उठेगा निखर आग से, कौन जलेगा आज हो -----
जिसपर हरी का हाथ रहेगा, वही जियेगा आज हो ------
भक्त प्रह्ललाद अमर रहेगा, प्रभु की मर्जी आज हो ----
धू-धूकर होलिका जलेगी, जला रहा है पाप हो -----